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बेंगलुरु में फर्जी पुलिस बनकर लूट करने वाले गैंग का खुलासा। मुख्य आरोपी PSI परीक्षा दे चुका था लेकिन चयन नहीं हुआ। 4 गिरफ्तार, जानिए पूरा मामला।

बेंगलुरु में फर्जी पुलिस बनकर लूट करने वाले गैंग का खुलासा। मुख्य आरोपी PSI परीक्षा दे चुका था लेकिन चयन नहीं हुआ। 4 गिरफ्तार, जानिए पूरा मामला।
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Image: The Global Vission Illustration

Published By - The Global Vission News Desk

 

बेंगलुरु फर्जी PSI गैंग का पर्दाफाश — पुलिस की परीक्षा दे चुका आरोपी खाकी पहनकर करने लगा डकैती

बेंगलुरु में पुलिस ने एक ऐसे शातिर गैंग का खुलासा किया है, जिसने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को डराया और लाखों रुपये की चोरी-डकैती को अंजाम दिया। इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि गैंग का मुख्य आरोपी पहले पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) की परीक्षा दे चुका था, लेकिन चयन न होने के बाद उसने अपराध का रास्ता चुन लिया।

 

क्या है पूरा मामला? — कैसे हुआ फर्जी पुलिस बनकर अपराध

बेंगलुरु के विद्यारण्यपुरा इलाके में यह मामला सामने आया, जहां चार लोगों के एक गिरोह ने पुलिस अधिकारी बनकर एक व्यक्ति के घर में घुसकर लूटपाट की।
आरोपियों ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और खाकी वर्दी पहनकर घर में दाखिल हुए।

 

पीड़ित को कैसे बनाया शिकार

पीड़ित व्यक्ति अकेला रहता था

आरोपियों ने खुद को PSI और पुलिस स्टाफ बताकर डराया

नकद पैसे छीने गए

मोबाइल फोन लेकर नेट बैंकिंग के जरिए भी रकम ट्रांसफर करवाई गई


डर और पुलिस के नाम का फायदा उठाकर आरोपी आराम से वारदात को अंजाम देने में सफल रहे।

 

मुख्य आरोपी की पहचान — PSI परीक्षा दे चुका था लेकिन फेल

जांच में पुलिस को पता चला कि गैंग का मुख्य आरोपी:

पहले पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) भर्ती परीक्षा दे चुका था

परीक्षा में सफल नहीं हुआ

पुलिस बनने का सपना टूटने के बाद

नकली खाकी वर्दी सिलवाकर अपराध करने लगा


यहीं से शुरू हुई फर्जी पुलिस बनने की कहानी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को पुलिस सिस्टम, बोलचाल और कार्यशैली की बुनियादी जानकारी थी, क्योंकि वह परीक्षा की तैयारी कर चुका था। इसी जानकारी का गलत इस्तेमाल कर उसने लोगों को भरोसे में लिया।

 

 कितने आरोपी गिरफ्तार हुए और क्या बरामद हुआ

पुलिस ने इस मामले में कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

बरामद सामान

नकद रकम

एक कार

एक दोपहिया वाहन

फर्जी पुलिस वर्दी और एक्सेसरीज़


इन सभी सामानों को जब्त कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।

 

 पुलिस ने कैसे पकड़ा गैंग को

पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने:

CCTV फुटेज खंगाले

मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स ट्रेस की

तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर छापेमारी की


कुछ ही दिनों में पूरे गैंग को गिरफ्तार कर लिया गया।

 

आरोपियों पर कौन-कौन सी धाराएं लगीं

आरोपियों पर गंभीर आपराधिक धाराओं में केस दर्ज किया गया है, जिनमें शामिल हैं:

प्रमुख कानूनी धाराएं (सार रूप में)

पुलिस अधिकारी बनकर धोखाधड़ी

डकैती

जबरन वसूली

आपराधिक साजिश


पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस गैंग ने पहले भी ऐसी वारदातें तो नहीं की थीं।

 

यह मामला क्यों है बेहद गंभीर

 1. पुलिस की वर्दी का दुरुपयोग

खाकी वर्दी पर जनता का भरोसा होता है। इस भरोसे को तोड़ना समाज के लिए खतरनाक है।

 2. आम लोग आसानी से धोखे में आ जाते हैं

अधिकतर लोग वर्दी देखकर सवाल नहीं करते, जिसका फायदा अपराधी उठाते हैं।

 3. कानून-व्यवस्था पर असर

इस तरह के मामले असली पुलिस की साख को भी नुकसान पहुंचाते हैं।

 

आम लोगों के लिए जरूरी सावधानी

अगर कोई पुलिस बनकर आए तो क्या करें?

पहचान पत्र जरूर देखें

किसी भी हाल में OTP, पासवर्ड या बैंक डिटेल न दें

शक होने पर तुरंत 112 या स्थानीय थाने से संपर्क करें

अकेले रहते हैं तो दरवाजा तुरंत न खोलें

 

निष्कर्ष (Conclusion)

बेंगलुरु का यह मामला एक कड़ा सबक है कि सिर्फ वर्दी देखकर किसी पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
PSI परीक्षा देने वाला व्यक्ति भी जब गलत रास्ता चुन ले, तो वह समाज के लिए खतरा बन सकता है। पुलिस की सतर्कता से यह गैंग पकड़ा गया, लेकिन जनता की जागरूकता ही ऐसे अपराधों को रोकने का सबसे मजबूत हथियार है।

 

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

क्या आरोपी असली पुलिस था?

नहीं, वह केवल PSI परीक्षा दे चुका था, चयनित या नियुक्त नहीं हुआ था।

 क्या पुलिस परीक्षा देना अपराध है?

नहीं, लेकिन परीक्षा देने के बाद खुद को पुलिस बताना अपराध है।

क्या ऐसे मामले और भी सामने आ सकते हैं?

पुलिस इस एंगल से जांच कर रही है कि कहीं गैंग ने पहले भी ऐसी वारदातें तो नहीं कीं।


डिस्क्लेमर:

यह समाचार विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस द्वारा उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। मामले की जांच जारी है। लेख का उद्देश्य केवल सूचना देना है, किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना नहीं। आरोपी तब तक निर्दोष माने जाते हैं, जब तक अदालत द्वारा दोष सिद्ध न हो।

 

1.India TV Hindi – फर्जी खाकी वर्दी पहनकर चोरी-डकैती, 4 गिरफ्तार
📌 https://www.indiatv.in/crime/bengaluru-four-people-arrested-allegedly-posing-police-officers-committing-robbery-2025-12-15-1183228


2. Aaj Tak – परीक्षा में फेल युवक बना फर्जी पुलिस अफसर, लूट के आरोप
📌 https://www.aajtak.in/india/news/story/bengaluru-fake-police-robbery-vidyaranyapura-arrest-news-lclk-dskc-2412944-2025-1