प्रतीकात्मक तस्वीर" (Representative Image)
दिल्ली के पॉश इलाके में 4 करोड़ की ज्वेलरी चोरी, आरोपी ड्राइवर राजस्थान से गिरफ्तार
दिल्ली में हाई-प्रोफाइल चोरी का मामला उजागर
राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके में चोरी की एक बड़ी घटना सामने आई है, जिसमें एक प्रतिष्ठित परिवार के घर से करीब 4 करोड़ रुपये की ज्वेलरी और कीमती घड़ियाँ चोरी होने का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान की तथा उसे राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया गया।
कौन है आरोपी?
पुलिस के अनुसार आरोपी का नाम महेंद्र दान है, जो की कई वर्षों से घर में ड्राइवर के रूप में कार्य कर रहा था। आरोपी राजस्थान के नागौर जिले के इंदोखा गांव का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि महेंद्र ने भरोसा जीतने के बाद चोरी की योजना बनाई थी।
चोरी कैसे हुई?
चोरी की घटना अगस्त के अंत से सितंबर के बीच की बताई जा रही है। इस दौरान नवरात्रि के समय घर के सदस्य धार्मिक कार्यक्रमों के लिए बाहर गए हुए थे। मौका पाकर आरोपी ने घर में रखे अलमारियों और लॉकर से कीमती सामान निकाल लिया।
चोरी में शामिल सामान:
सोने और डायमंड की ज्वेलरी
महंगी लग्जरी घड़ियाँ
सोने के बिस्किट
कुल मूल्य — लगभग ₹4 करोड़
आरोपी की गिरफ्तारी कैसे हुई?
शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस की टीम ने:
CCTV फुटेज की जांच
मोबाइल लोकेशन ट्रैक
तकनीकी सर्विलांस व फिंगरप्रिंट मिलान
की मदद से आरोपी को ट्रेस किया। मामला सामने आने के बाद वह अपने गांव भाग गया था, जहां पुलिस ने उसे 22 नवंबर को गिरफ्तार किया।
उसकी निशानदेही पर अधिकतर चोरी किया गया माल बरामद कर लिया गया है।
पूछताछ में आरोपी ने क्या कहा?
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि:
उसे कई वर्षों से घर में भरोसे के साथ नौकरी दी गई थी
आर्थिक कारणों और लालच की वजह से उसने घटना को अंजाम दिया
वह लंबे समय से घर में ज्वेलरी लोकर की जानकारी इकठ्ठा कर रहा था
सुरक्षा से क्या सीख मिलती है?
इस घटना ने दिखाया है कि बड़े शहरों में चोरी का खतरा सिर्फ बाहर से नहीं, बल्कि अंदरूनी लोगों से भी हो सकता है।
जरूरी सावधानियाँ:
घरेलू कर्मचारियों का बैकग्राउंड वेरिफिकेशन कराना
कीमती वस्तुओं की लोकेशन गोपनीय रखना
CCTV की नियमित जांच
घर खाली छोड़ते समय सुरक्षा बढ़ाना
पुलिस ने क्या बयान दिया?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार — आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के लिए कोर्ट में पेश किया गया है और मामले की आगे जांच जारी है। चोरी का अधिकतर माल बरामद हो चुका है।
निष्कर्ष
यह घटना साबित करती है कि विश्वास और सुरक्षा दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। बड़ी रकम या ज्वेलरी रखने वाले परिवारों के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q. चोरी कब हुई?
चोरी अगस्त–सितंबर के बीच हुई, जिसकी एफआईआर बाद में दर्ज हुई।
Q. आरोपी कौन है और कहाँ से गिरफ्तार हुआ?
महेंद्र दान, राजस्थान नागौर से गिरफ्तार।
Q. कितना सामान चोरी हुआ था?
करीब ₹4 करोड़ कीमत की ज्वेलरी और घड़ियाँ।
Q. क्या सामान बरामद हुआ?
हाँ, पुलिस ने ज्यादातर सामान वापस बरामद कर लिया है।
DISCLAIMER
यह लेख सार्वजनिक समाचार स्रोतों और आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। किसी भी प्रकार का अनुमान, अफवाह या विवादित सामग्री शामिल नहीं है। यह रिपोर्ट सिर्फ सूचना के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।