Image: The Global Vission Illustration
Published By - The Global Vission News Desk
📍 स्थान (Venue)
Brigade Parade Ground, Kolkata, West Bengal, India
📅 तारीख (Date)
7 दिसंबर 2025 (Sunday)
Kolkata Gita Path: पश्चिम बंगाल में एक साथ लाखो लोगों का गीता पाठ, धीरेंद्र शास्त्री की गूंज और ऐतिहासिक आयोजन
यह ऐतिहासिक और भव्य आयोजन Brigade Parade Ground, Kolkata (West Bengal) में 7 दिसंबर 2025 को आयोजित किया गया। यह स्थल पहले भी कई बड़े राजनीतिक और सांस्कृतिक आयोजनों का केंद्र रहा है, लेकिन इस बार यह आध्यात्मिक इतिहास बनाने जा रहा था।
इस कार्यक्रम में अनुमानित 1लाख से लेकर लगभग 5 लाख श्रद्धालुओं ने एक साथ भगवद् गीता का पाठ किया। इतने बड़े पैमाने पर गीता-पाठ का आयोजन पश्चिम बंगाल और पूरे भारत के लिए एक नया रिकॉर्ड माना जा रहा है।
🙏 कार्यक्रम का उद्देश्य
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था —
भारत की सनातन संस्कृति को एक मंच पर लाना
युवा पीढ़ी को श्रीमद् भगवद् गीता के मूल संदेश से जोड़ना
समाज में शांति, एकता और आध्यात्मिकता का संदेश फैलाना
इस आयोजन का संचालन Sanatan Sanskriti Sansad द्वारा किया गया, जिसमे देश-भर से संत, साधु-संतान और आध्यात्मिक गुरु शामिल हुए।
💬 धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का संबोधन
कार्यक्रम की सबसे बड़ी आकर्षक उपस्थिति थी — बागेश्वर धाम सरकार के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री।
उन्होंने मंच से एक भावपूर्ण और प्रभावशाली संबोधन दिया।
धीरेंद्र शास्त्री के प्रमुख कथन
“भारत में हम सनातनी चाहते हैं, तनातनी नहीं।”
“गीता केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने का मार्ग है।”
“सनातन धर्म किसी के खिलाफ नहीं, यह सबको साथ लेकर चलने की परंपरा है।”
“जो राष्ट्र अपनी संस्कृति को भूल जाता है वह कमजोर हो जाता है।”
उनकी इन बातों पर पूरे मैदान ने जोरदार तालियों से समर्थन दिया।
शास्त्री जी ने यह भी कहा कि गीता-पाठ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और अध्यात्मिक चेतना की पुकार है।
👥 कितने लोग शामिल हुए
सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार:
लगभग 1 लाख से 5 लाख लोगों ने एक साथ गीता का पाठ किया
हजारों की संख्या में युवा, महिलाएँ, विद्यार्थी और साधु-संत शामिल हुए
भीड़ इतनी विशाल थी कि पूरा ब्रिगेड ग्राउंड भगवा वस्त्र और भगवद् गीता की प्रतियों से भरा दिखाई दे रहा था
आयोजकों ने अनुमान लगाया कि यह आयोजन भविष्य में विश्व-स्तरीय रिकॉर्ड की श्रेणी में दर्ज किया जा सकता है।
📖 कार्यक्रम का क्रम
गीता-पाठ की शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार से हुआ।
इसके बाद सभी प्रतिभागियों ने एक साथ गीता के श्लोकों का सामूहिक पाठ किया।
भीड़ एक सुर में श्लोकों का उच्चारण कर रही थी, जिसके अनोखे दृश्य ने सभी को भावुक कर दिया।
आध्यात्मिक प्रवचन और सांस्कृतिक प्रदर्शन
भजन-कीर्तन और आध्यात्मिक गायन हुआ
कई संतों और महंतों ने मंच से अपने आशीर्वचन दिये
हज़ारों लोग हाथों में भगवा ध्वज लेकर खड़े थे
कई लोग रोते हुए दिखाई दिए क्योंकि यह अवसर भावनात्मक और ऐतिहासिक दोनों था।
🗣️ कार्यक्रम से जुड़े सामाजिक और राजनीतिक संदेश
हालांकि आयोजन का प्राथमिक उद्देश्य आध्यात्मिक था, लेकिन इसकी टाइमिंग और पैमाना इसे सामाजिक तथा राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनाता है।
मुख्य चर्चाएँ
पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले यह आयोजन हुआ — इसलिए इसे कई लोग बदलाव की तैयारी और शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देख रहे हैं।
कुछ लोगों ने इसे समाज में शांति और एकता का संदेश बताया
कुछ लोग इसे राजनीतिक संकेतों से जोड़ कर देख रहे हैं
लेकिन आयोजकों और संतों ने स्पष्ट किया कि यह किसी पार्टी या राजनीति के लिए नहीं, बल्कि संस्कृति और धर्म के लिए है।
🔴 विवाद और प्रतिक्रियाएँ
कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर बड़ी बहस भी छिड़ गई।
कई लोगों ने सोशल मीडिया पर कहा कि —
गीता-पाठ ने “बंगाल की संस्कृति को आध्यात्मिक ऊर्जा दी”
यह आयोजन “राजनीतिक ध्रुवीकरण की कोशिश” है
लेकिन इसके बावजूद कार्यक्रम में शामिल आम लोगों ने कहा — “हम यहां राजनीति के लिए नहीं, गीता और शांति के लिए आए हैं।”
🎤 अन्य प्रमुख वक्ताओं का संदेश
आयोजन में मौजूद कई अन्य वक्ताओं ने भी समाजिक एकता और धर्म-सम्मान की अपील की।
उन्होंने कहा —
गीता का संदेश यह है कि मनुष्य को कर्तव्य के मार्ग पर चलना चाहिए
समाज में हिंसा और नफरत की जगह प्रेम और संयम होना चाहिए
🌟 लोगों की प्रतिक्रियाएँ
भीड़ में शामिल लोगों की कुछ प्रमुख भावनाएँ:
कई युवाओं ने कहा कि यह आयोजन “आध्यात्मिक जागृति का मौका” था
महिलाओं ने कहा कि “गीता-पाठ से आंतरिक शक्ति और शांति मिली”
कई बुजुर्गों ने इसे जीवन का सबसे बड़ा आध्यात्मिक क्षण बताया
📌 क्यों याद रखा जाएगा यह आयोजन
एक साथ लाखों लोगों द्वारा गीता-पाठ
सबसे बड़ा खुला आध्यात्मिक समागम
धर्म, संस्कृति और समाज को जोड़ने वाला आयोजन
पश्चिम बंगाल में धार्मिक-संस्कृति की नई लहर
🔎 FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
1: यह “Kolkata Gita Path” आयोजन कब और कहाँ हुआ था?
1: यह कार्यक्रम 7 दिसंबर 2025 को Brigade Parade Ground, कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में आयोजित हुआ था।
2: कितने लोग इसमें शामिल हुए थे?
2: आयोजकों के अनुसार लगभग 5 लाख श्रद्धालु (कुछ रिपोर्ट्स में 5 लाख से ऊपर तक) एक साथ गीता-पाठ करने के लिए इकट्ठा हुए थे।
3: इस आयोजन का उद्देश्य क्या था?
3: उद्देश्य था — हिन्दू सनातन संस्कृति को एकजुट करना, भगवद् गीता के श्लोकों के माध्यम से आध्यात्मिक जागृति लाना, समाज में शांति-एकता का संदेश देना और जनता को धार्मिक/मूल्य आधारित चेतना से जोड़ना। आयोजकों ने इसे एक “Historic collective chanting event” बताया।
4: कौन-कौन प्रमुख साधु-संत / धार्मिक गुरु (spiritual leaders) थे कार्यक्रम में?
4: मुख्य रूप से Dhirendra Krishna Shastri उपस्थित थे। इसके अलावा आयोजकों ने Swami Gyananand Ji Maharaj और कुछ अन्य धार्मिक हस्तियों का भी नाम लिया था।
5: इस आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं का क्या ब्यौरा था?
5: आयोजकों ने बताया कि सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी थी। 25 प्रवेश द्वार (entry gates), CCTV कैमरों की तैनाती, ड्रोन निगरानी व अन्य भीड़ प्रबंधन इंतज़ाम किए गए थे।
📌 Disclaimer (अस्वीकरण)
इस ब्लॉग में दी गई सभी जानकारी विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों, मीडिया रिपोर्ट्स और उपलब्ध समाचारों पर आधारित है। भीड़ की संख्या, वक्ताओं के बयान और आयोजन से संबंधित विवरण उपलब्ध रिपोर्ट्स तथा आयोजकों के दावों के अनुसार प्रस्तुत किए गए हैं। किसी भी तथ्य को लेकर मतभेद या बदलाव संभव है, इसलिए पाठकों से निवेदन है कि वे इसे केवल सामान्य सूचना के रूप में स्वीकार करें।
हमारा उद्देश्य किसी भी धर्म, जाति, समुदाय, संगठन या राजनीतिक दल को आहत करना नहीं है। इस सामग्री का मकसद केवल समाचार और आध्यात्मिक जानकारी साझा करना है। ब्लॉग में उल्लिखित विचार और बयान संबंधित वक्ताओं या मीडिया स्रोतों के हैं, इन्हें लेखक/वेबसाइट के निजी विचार न समझा जाए।
अधिक जानकारी के लिए यहां देखें 👉
Indian Express (सुरक्षा-व्यवस्था और आयोजन विवरण) https://indianexpress.com/article/cities/kolkata/brigade-parade-ground-bhagavad-gita-recital-10406455/
">https://indianexpress.com/article/cities/kolkata/brigade-parade-ground-bhagavad-gita-recital-10406455/
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📍 स्थान (Venue)
Brigade Parade Ground, Kolkata, West Bengal, India
📅 तारीख (Date)
7 दिसंबर 2025 (Sunday)
Kolkata Gita Path: पश्चिम बंगाल में एक साथ लाखो लोगों का गीता पाठ, धीरेंद्र शास्त्री की गूंज और ऐतिहासिक आयोजन
यह ऐतिहासिक और भव्य आयोजन Brigade Parade Ground, Kolkata (West Bengal) में 7 दिसंबर 2025 को आयोजित किया गया। यह स्थल पहले भी कई बड़े राजनीतिक और सांस्कृतिक आयोजनों का केंद्र रहा है, लेकिन इस बार यह आध्यात्मिक इतिहास बनाने जा रहा था।
इस कार्यक्रम में अनुमानित 1लाख से लेकर लगभग 5 लाख श्रद्धालुओं ने एक साथ भगवद् गीता का पाठ किया। इतने बड़े पैमाने पर गीता-पाठ का आयोजन पश्चिम बंगाल और पूरे भारत के लिए एक नया रिकॉर्ड माना जा रहा है।
🙏 कार्यक्रम का उद्देश्य
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था —
भारत की सनातन संस्कृति को एक मंच पर लाना
युवा पीढ़ी को श्रीमद् भगवद् गीता के मूल संदेश से जोड़ना
समाज में शांति, एकता और आध्यात्मिकता का संदेश फैलाना
इस आयोजन का संचालन Sanatan Sanskriti Sansad द्वारा किया गया, जिसमे देश-भर से संत, साधु-संतान और आध्यात्मिक गुरु शामिल हुए।
💬 धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का संबोधन
कार्यक्रम की सबसे बड़ी आकर्षक उपस्थिति थी — बागेश्वर धाम सरकार के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री।
उन्होंने मंच से एक भावपूर्ण और प्रभावशाली संबोधन दिया।
धीरेंद्र शास्त्री के प्रमुख कथन
“भारत में हम सनातनी चाहते हैं, तनातनी नहीं।”
“गीता केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने का मार्ग है।”
“सनातन धर्म किसी के खिलाफ नहीं, यह सबको साथ लेकर चलने की परंपरा है।”
“जो राष्ट्र अपनी संस्कृति को भूल जाता है वह कमजोर हो जाता है।”
उनकी इन बातों पर पूरे मैदान ने जोरदार तालियों से समर्थन दिया।
शास्त्री जी ने यह भी कहा कि गीता-पाठ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और अध्यात्मिक चेतना की पुकार है।
👥 कितने लोग शामिल हुए
सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार:
लगभग 1 लाख से 5 लाख लोगों ने एक साथ गीता का पाठ किया
हजारों की संख्या में युवा, महिलाएँ, विद्यार्थी और साधु-संत शामिल हुए
भीड़ इतनी विशाल थी कि पूरा ब्रिगेड ग्राउंड भगवा वस्त्र और भगवद् गीता की प्रतियों से भरा दिखाई दे रहा था
आयोजकों ने अनुमान लगाया कि यह आयोजन भविष्य में विश्व-स्तरीय रिकॉर्ड की श्रेणी में दर्ज किया जा सकता है।
📖 कार्यक्रम का क्रम
गीता-पाठ की शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार से हुआ।
इसके बाद सभी प्रतिभागियों ने एक साथ गीता के श्लोकों का सामूहिक पाठ किया।
भीड़ एक सुर में श्लोकों का उच्चारण कर रही थी, जिसके अनोखे दृश्य ने सभी को भावुक कर दिया।
आध्यात्मिक प्रवचन और सांस्कृतिक प्रदर्शन
भजन-कीर्तन और आध्यात्मिक गायन हुआ
कई संतों और महंतों ने मंच से अपने आशीर्वचन दिये
हज़ारों लोग हाथों में भगवा ध्वज लेकर खड़े थे
कई लोग रोते हुए दिखाई दिए क्योंकि यह अवसर भावनात्मक और ऐतिहासिक दोनों था।
🗣️ कार्यक्रम से जुड़े सामाजिक और राजनीतिक संदेश
हालांकि आयोजन का प्राथमिक उद्देश्य आध्यात्मिक था, लेकिन इसकी टाइमिंग और पैमाना इसे सामाजिक तथा राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनाता है।
मुख्य चर्चाएँ
पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले यह आयोजन हुआ — इसलिए इसे कई लोग बदलाव की तैयारी और शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देख रहे हैं।
कुछ लोगों ने इसे समाज में शांति और एकता का संदेश बताया
कुछ लोग इसे राजनीतिक संकेतों से जोड़ कर देख रहे हैं
लेकिन आयोजकों और संतों ने स्पष्ट किया कि यह किसी पार्टी या राजनीति के लिए नहीं, बल्कि संस्कृति और धर्म के लिए है।
🔴 विवाद और प्रतिक्रियाएँ
कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर बड़ी बहस भी छिड़ गई।
कई लोगों ने सोशल मीडिया पर कहा कि —
गीता-पाठ ने “बंगाल की संस्कृति को आध्यात्मिक ऊर्जा दी”
यह आयोजन “राजनीतिक ध्रुवीकरण की कोशिश” है
लेकिन इसके बावजूद कार्यक्रम में शामिल आम लोगों ने कहा — “हम यहां राजनीति के लिए नहीं, गीता और शांति के लिए आए हैं।”
🎤 अन्य प्रमुख वक्ताओं का संदेश
आयोजन में मौजूद कई अन्य वक्ताओं ने भी समाजिक एकता और धर्म-सम्मान की अपील की।
उन्होंने कहा —
गीता का संदेश यह है कि मनुष्य को कर्तव्य के मार्ग पर चलना चाहिए
समाज में हिंसा और नफरत की जगह प्रेम और संयम होना चाहिए
🌟 लोगों की प्रतिक्रियाएँ
भीड़ में शामिल लोगों की कुछ प्रमुख भावनाएँ:
कई युवाओं ने कहा कि यह आयोजन “आध्यात्मिक जागृति का मौका” था
महिलाओं ने कहा कि “गीता-पाठ से आंतरिक शक्ति और शांति मिली”
कई बुजुर्गों ने इसे जीवन का सबसे बड़ा आध्यात्मिक क्षण बताया
📌 क्यों याद रखा जाएगा यह आयोजन
एक साथ लाखों लोगों द्वारा गीता-पाठ
सबसे बड़ा खुला आध्यात्मिक समागम
धर्म, संस्कृति और समाज को जोड़ने वाला आयोजन
पश्चिम बंगाल में धार्मिक-संस्कृति की नई लहर
🔎 FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
1: यह “Kolkata Gita Path” आयोजन कब और कहाँ हुआ था?
1: यह कार्यक्रम 7 दिसंबर 2025 को Brigade Parade Ground, कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में आयोजित हुआ था।
2: कितने लोग इसमें शामिल हुए थे?
2: आयोजकों के अनुसार लगभग 5 लाख श्रद्धालु (कुछ रिपोर्ट्स में 5 लाख से ऊपर तक) एक साथ गीता-पाठ करने के लिए इकट्ठा हुए थे।
3: इस आयोजन का उद्देश्य क्या था?
3: उद्देश्य था — हिन्दू सनातन संस्कृति को एकजुट करना, भगवद् गीता के श्लोकों के माध्यम से आध्यात्मिक जागृति लाना, समाज में शांति-एकता का संदेश देना और जनता को धार्मिक/मूल्य आधारित चेतना से जोड़ना। आयोजकों ने इसे एक “Historic collective chanting event” बताया।
4: कौन-कौन प्रमुख साधु-संत / धार्मिक गुरु (spiritual leaders) थे कार्यक्रम में?
4: मुख्य रूप से Dhirendra Krishna Shastri उपस्थित थे। इसके अलावा आयोजकों ने Swami Gyananand Ji Maharaj और कुछ अन्य धार्मिक हस्तियों का भी नाम लिया था।
5: इस आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं का क्या ब्यौरा था?
5: आयोजकों ने बताया कि सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी थी। 25 प्रवेश द्वार (entry gates), CCTV कैमरों की तैनाती, ड्रोन निगरानी व अन्य भीड़ प्रबंधन इंतज़ाम किए गए थे।
📌 Disclaimer (अस्वीकरण)
इस ब्लॉग में दी गई सभी जानकारी विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों, मीडिया रिपोर्ट्स और उपलब्ध समाचारों पर आधारित है। भीड़ की संख्या, वक्ताओं के बयान और आयोजन से संबंधित विवरण उपलब्ध रिपोर्ट्स तथा आयोजकों के दावों के अनुसार प्रस्तुत किए गए हैं। किसी भी तथ्य को लेकर मतभेद या बदलाव संभव है, इसलिए पाठकों से निवेदन है कि वे इसे केवल सामान्य सूचना के रूप में स्वीकार करें।
हमारा उद्देश्य किसी भी धर्म, जाति, समुदाय, संगठन या राजनीतिक दल को आहत करना नहीं है। इस सामग्री का मकसद केवल समाचार और आध्यात्मिक जानकारी साझा करना है। ब्लॉग में उल्लिखित विचार और बयान संबंधित वक्ताओं या मीडिया स्रोतों के हैं, इन्हें लेखक/वेबसाइट के निजी विचार न समझा जाए।
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