दिल्ली पुलिस का ऑपरेशन साइबरहॉक: करोल बाग में फर्जी मोबाइल फैक्ट्री का भंडाफोड़ | पूरी जानकारी

 

 दिल्ली पुलिस का बड़ा अभियान: करोल बाग में फर्जी मोबाइल फैक्ट्री का पर्दाफाश

Operation CyberHawk के तहत बड़ी सफलता

 

क्या है पूरा मामला?

दिल्ली पुलिस की साइबर पुलिस यूनिट ने ऑपरेशन साइबरहॉक (Operation CyberHawk) के तहत करोल बाग के मोबाइल मार्केट क्षेत्र में एक अवैध मोबाइल असेंबलिंग और IMEI-टैम्परिंग यूनिट का भंडाफोड़ किया है।
यह कार्रवाई हाल ही में मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार की गई, जिसमें पुलिस को बड़ी मात्रा में मोबाइल फोन और संबंधित उपकरण मिले।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने करोल बाग के Beadonpura (बिदनपुरा) की एक इमारत की चौथी मंजिल पर छापा मारा, जहाँ एक यूनिट संचालित हो रही थी जहाँ पुराने या क्षतिग्रस्त फोन के मदरबोर्ड को नए मोबाइल बॉडी में फिट करके नए फोन की तरह तैयार किया जाता था।

 

 IMEI क्या होता है और क्यों महत्वपूर्ण है?

IMEI (International Mobile Equipment Identity) हर मोबाइल फोन की एक यूनिक पहचान संख्या होती है।
इसी नंबर के आधार पर:

चोरी या गुम हुए फोन की लोकेशन ट्रैक की जाती है

नेटवर्क कंपनियां और पुलिस फोन की पहचान कर सकती हैं

साइबर अपराधों की जांच में सहायता मिलती है


IMEI में छेड़छाड़ (Tampering) करना कानूनन अपराध है, क्योंकि इससे फोन की पहचान छुपाना संभव हो जाता है, और इससे चोरी, धोखाधड़ी व अन्य अपराधों को ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है।

 

 पुलिस को क्या-क्या मिला?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने छापे के दौरान:

कुल 1,826 मोबाइल फोन

लैपटॉप जिनमें IMEI बदलने वाला सॉफ़्टवेयर था

हजारों मोबाइल पैनल और spare parts

IMEI लेबल्स व स्कैनर उपकरण


जब्त किए हैं।

इन फोनों में कुछ तैयार हालत में थे, जबकि कुछ असेंबलिंग में शामिल थे।


 

 ऑपरेशन कैसे हुआ?

रिपोर्ट्स के अनुसार:

साइबर पुलिस को कुछ समय से इस गतिविधि की जानकारी मिल रही थी

निगरानी और सत्यापन के बाद छापा मारा गया

पुलिस ने 5 लोगों को हिरासत में लिया है

इनकी भूमिका की जांच जारी है
(नामों का उल्लेख हम नहीं कर रहे हैं ताकि कोई कानूनी या व्यक्तिगत जोखिम न रहे)


पुलिस अब यह जांच कर रही है कि:

मोबाइल कहाँ से आते थे

कहाँ सप्लाई होते थे

क्या किसी अन्य शहर या राज्य से कनेक्शन था

 

 

 यह कार्रवाई क्यों महत्वपूर्ण है?

इस ऑपरेशन से:

नकली मोबाइल बाजार पर बड़ी रोक लगी

साइबर अपराध और मोबाइल चोरी रोकने में मदद मिलेगी

ट्रैकिंग सिस्टम मजबूत होगा

ग्राहकों और मोबाइल यूजर्स की सुरक्षा बढ़ेगी


यह घटना बताती है कि साइबर सुरक्षा अब सिर्फ ऑनलाइन फ्रॉड तक सीमित नहीं है, बल्कि वास्तविक तकनीकी हार्डवेयर से जुड़े अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं।


 

 पुलिस की अपील

पुलिस ने लोगों से अनुरोध किया है कि:

बहुत कम कीमत या संदिग्ध स्रोत से मोबाइल खरीदने से बचें

बिल और वैध IMEI चेक करें

IMEI बदलना या बदलवाना अपराध है


IMEI चेक करने के लिए आप अपने फोन में *#06# डायल कर IMEI नंबर देख सकते हैं।


 

 निष्कर्ष

दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई ने साइबर क्राइम के बड़े नेटवर्क पर चोट की है और यह साबित करता है कि कानून-व्यवस्था एजेंसियां तकनीकी अपराधों के प्रति बेहद सक्रिय हैं।
यह कदम मोबाइल चोरी और धोखाधड़ी जैसे अपराधों को रोकने में काफी मदद करेगा।

 

FAQs – करोल बाग फर्जी मोबाइल फैक्ट्री मामले से जुड़े सामान्य प्रश्न

Q1. ऑपरेशन साइबरहॉक क्या है?

Operation CyberHawk दिल्ली पुलिस की साइबर यूनिट द्वारा चलाया गया एक विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य तकनीकी अपराधों, मोबाइल IMEI टेम्परिंग और डिजिटल फ्रॉड से जुड़े नेटवर्क का पता लगाना और उन्हें रोकना है।

 

Q2. पुलिस ने करोल बाग में किस प्रकार की गतिविधि का खुलासा किया?

पुलिस ने करोल बाग में एक स्थान पर छापा मारकर एक अवैध मोबाइल असेंबलिंग और IMEI-टेम्परिंग यूनिट का भंडाफोड़ किया, जहाँ पुराने या क्षतिग्रस्त फोन के मदरबोर्ड को नई बॉडी में फिट करके नए फोन जैसा बनाया जा रहा था।

 

Q3. IMEI क्या होता है?

IMEI (International Mobile Equipment Identity) मोबाइल फोन की यूनिक पहचान संख्या है, जो फोन की लोकेशन ट्रैक करने और चोरी या फ्रॉड से जुड़े मामलों की जांच करने में मदद करती है।


 

Q4. IMEI में छेड़छाड़ (Tampering) करना क्यों अवैध है?

IMEI बदलने पर फोन की पहचान छुपाना संभव हो जाता है, जिससे अपराधों में इस्तेमाल किए गए फोन को ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। इसलिए यह भारतीय कानून के तहत एक दंडनीय अपराध है।

 

Q5. पुलिस ने छापे में क्या-क्या जब्त किया?

पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, छापे में:

लगभग 1,826 मोबाइल फोन

IMEI बदलने वाले उपकरण और लैपटॉप

मोबाइल बॉडी पार्ट्स और IMEI लेबल
जब्त किए गए हैं।

 

Q6. लोगों को ऐसे मामलों में क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

बहुत कम कीमत में मिलने वाले या बिना बिल वाले फोन खरीदने से बचें

फोन खरीदते समय IMEI चेक करें (*#06# डायल कर)

संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को दें

 

Q7. क्या जांच अभी जारी है?

हाँ, पुलिस इस मामले की आगे जांच कर रही है, इसलिए भविष्य में और जानकारी सामने आ सकती है। किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक अपडेट का इंतजार करना ज़रूरी है।

 

Disclaimer

इस ब्लॉग में दी गई जानकारी सार्वजनिक मीडिया रिपोर्ट्स, आधिकारिक पुलिस प्रेस रिलीज़ और विश्वसनीय समाचार स्रोतों में प्रकाशित तथ्यों पर आधारित है।
हमने किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया है।
जांच जारी है, इसलिए आगे की जानकारी संबंधित अधिकारियों द्वारा जारी होने पर ही मान्य होगी।