रिपब्लिक डे 2026: ISI-JeM का "26-26" टेरर प्लॉट, खालिस्तानी + बांग्लादेशी ग्रुप्स एक्टिव – क्या है असली खतरा?
स्थान: नई दिल्ली
दिनांक: 26 जनवरी 2026
लेखक: अंशिका सिंह (डिजिटल रिपोर्टर, TGV News)
नमस्ते दोस्तों! 26 जनवरी 2026 करीब आते ही सुरक्षा अलर्ट्स की बौछार लग गई है। खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तान की ISI और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के एक बेहद खतरनाक "26-26" टेरर प्लॉट का पर्दाफाश किया है। इस साजिश के तहत दिल्ली, अमृतसर और लखनऊ जैसे बड़े शहरों को निशाना बनाने की योजना थी।
"26-26" प्लॉट का खुलासा: ISI-JeM का मास्टरप्लान
जनवरी 2026 की शुरुआत में RAW और मिलिट्री इंटेलिजेंस ने इस कोडनेम को क्रैक किया। इसका सीधा मतलब था: 26 जनवरी को 26 हमले। इनके मुख्य निशाने पर राजपथ की परेड, अमृतसर का स्वर्ण मंदिर इलाका और जम्मू एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील स्थान थे।
जैश-ए-मोहम्मद के गुर्गों ने 'ऑपरेशन सिंदूर' का बदला लेने की धमकी दी है। NIA ने मुस्तैदी दिखाते हुए 10 से 15 जनवरी के बीच अमृतसर और दिल्ली से 12 ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है।
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खालिस्तानी और बांग्लादेशी ग्रुप्स की मिलीभगत
इस बार खतरा दोगुना है क्योंकि ISI ने खालिस्तानी मॉड्यूल्स (SFJ, बब्बर खालसा) और बांग्लादेशी आतंकी समूहों (JMB, HUJI) को एक साथ जोड़ दिया है।
खालिस्तानी खतरा: कनाडा स्थित हरप्रीत सिंह ने "रिपब्लिक डे ब्लडबाथ" की कॉल दी है। इनके पास हवाला के जरिए लगभग $2 मिलियन की फंडिंग पहुँचने की खबर है।
बांग्लादेशी लिंक: JMB और HUJI जैसे संगठन पूर्वोत्तर सीमा से घुसपैठ की कोशिश में हैं। इनका उद्देश्य गुवाहाटी और कोलकाता जैसे शहरों में ट्रेनों या सार्वजनिक परिवहन को निशाना बनाना है।
सिक्योरिटी का ब्लूप्रिंट: सतर्क भारत का जवाब
भारत सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने "जीरो टॉलरेंस" की नीति अपनाते हुए एक मल्टी-लेयर डिफेंस सिस्टम तैयार किया है:
इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग: RAW और IB चौबीसों घंटे डार्क वेब और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।
एयर डिफेंस: राजपथ की सुरक्षा के लिए S-400 और आकाश टीयर-2 मिसाइल सिस्टम तैनात किए गए हैं। ड्रोन हमलों से निपटने के लिए आधुनिक काउंटर-ड्रोन लेजर तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।
एआई और तकनीक: दिल्ली में 1 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, जो AI CCTV (PRADAN) और 5G जामर्स की मदद से चप्पे-चप्पे पर नजर रख रहे हैं।
भविष्य का रोडमैप और निष्कर्ष
सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ UAPA कानूनों को और कड़ा किया है और आत्मनिर्भर काउंटर-टेरर तकनीक पर जोर दिया जा रहा है। "26-26" जैसा कोई भी कायरतापूर्ण प्लॉट भारत के अटल विश्वास को नहीं डिगा सकता।
TGV News (The Global Vission) आपसे अपील करता है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें। एकजुट रहें, सतर्क रहें।
जय हिंद!