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नोएडा: महिला शिक्षक ने BLO ड्यूटी से इस्तीफा दिया, बोलीं—“पढ़ाई और चुनावी काम साथ नहीं हो सकता”

नोएडा: महिला शिक्षक ने BLO ड्यूटी से इस्तीफा दिया, बोलीं—“पढ़ाई और चुनावी काम साथ नहीं हो सकता”
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📰 नोएडा: महिला शिक्षक ने BLO ड्यूटी से दिया इस्तीफा, बोलीं – “दोनों जिम्मेदारियाँ एक साथ संभव नहीं”

👤 Author: The Global Vission – News Desk
📆 Date: 24 November 2025
📍 Noida, Uttar Pradesh


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नोएडा के एक सरकारी स्कूल में कार्यरत महिला शिक्षक ने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की जिम्मेदारी से इस्तीफा दे दिया है। उनका कहना है कि शिक्षण कार्य और BLO ड्यूटी को एक साथ निभाना संभव नहीं, और इससे नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

इस्तीफे में उन्होंने स्पष्ट लिखा कि छात्रों की शिक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है, और चुनावी कार्यों में समय देने से बच्चों की पढ़ाई का नुकसान होता है।


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📌 “शिक्षण कार्य प्राथमिक है” — शिक्षिका का तर्क

इस्तीफे में महिला शिक्षक ने बताया कि BLO के काम में शामिल होता है:

घर-घर सर्वे

मतदाता सूची अपडेट

दस्तावेज़ सत्यापन

बूथ संबंधित प्रशासनिक कार्य


इन कार्यों के कारण कक्षाओं में समय देना मुश्किल हो रहा था। उनका कहना है कि छात्रों की नींव सबसे महत्वपूर्ण है, और इसे चुनावी कार्यों के बोझ से प्रभावित नहीं होना चाहिए।


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📚 क्या शिक्षक पर BLO ड्यूटी अनिवार्य है?

भारत में चुनाव के दौरान प्रशासन अक्सर शिक्षक, आंगनबाड़ी वर्कर और सरकारी कर्मचारियों को BLO ड्यूटी देता है।
कानूनी रूप से सरकारी कर्मचारी चुनावी ड्यूटी से इनकार नहीं कर सकते, लेकिन सवाल उठता है कि:

> क्या शिक्षा को प्रभावित किए बिना यह जिम्मेदारी दी जा सकती है?

 

कई विशेषज्ञों का मत है कि प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ाने वाले शिक्षकों को BLO ड्यूटी से छूट मिलनी चाहिए, ताकि बच्चों की शिक्षा बाधित न हो।


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🏫 स्कूल शिक्षा पर असर

शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, BLO ड्यूटी के कारण:

🔸 पढ़ाई के घंटे कम होते हैं
🔸 परीक्षा तैयारी प्रभावित होती है
🔸 कक्षा का माहौल बिगड़ता है
🔸 छात्रों की सीखने की प्रक्रिया बाधित होती है

इसी वजह से कई राज्यों में वर्षों से यह मांग उठती रही है कि चुनावी कार्यों के लिए अलग ब्लॉक/फील्ड स्टाफ नियुक्त किया जाए।


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🗳️ चुनाव आयोग का पक्ष

चुनाव आयोग का कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हर सरकारी कर्मचारी की भूमिका महत्वपूर्ण है।
लेकिन कई जिलों में प्रशासन मानता है कि शिक्षकों की प्राथमिक भूमिका स्कूल है, इसलिए संतुलन जरूरी है।

कुछ राज्यों में BLO का काम स्वैच्छिक या विकल्प के आधार पर देने की मांग भी ज़ोर पकड़ रही है।


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🙋‍♀️ इस्तीफे ने खड़ा किया बड़ा प्रश्न

यह इस्तीफा सिर्फ एक शिक्षक का निर्णय नहीं, बल्कि एक बड़ा सवाल है:

❓ क्या शिक्षा को चुनावी कार्यों से ऊपर प्राथमिकता मिलनी चाहिए?
❓ क्या शिक्षक BLO ड्यूटी से मुक्त रह सकते हैं?
❓ क्या सरकार को BLO के लिए अलग स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति करनी चाहिए?


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💬 आपकी राय क्या है?

👇 रिएक्ट करें:
👍 शिक्षक का प्राथमिक कर्तव्य पढ़ाना है
👎 चुनावी ड्यूटी अतिरिक्त बोझ है, नहीं देना चाहिए
🙏 अगर शिक्षा प्रभावित न हो तो ठीक है
⭐ इच्छानुसार ड्यूटी का विकल्प होना चाहिए
 

Disclaimer — The Global Vission – News Desk

This report is based on publicly available information and independent editorial analysis. The Global Vission does not endorse or oppose any individual or institution. Readers are advised to verify details through official sources when necessary.