पश्चिम बंगाल: ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी, चुनाव से पहले बड़ी प्रशासनिक कवायद कोलकाता | Bengal Election Desk पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल (अस्थायी मतदाता सूची) जारी कर दी है। यह प्रक्रिया स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के अंतर्गत की गई है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और अद्यतन बनाना है। ड्राफ्ट सूची में राज्यभर से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नामों की जांच, संशोधन और संभावित विलोपन किया गया है। चुनाव आयोग का कहना
पश्चिम बंगाल: ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी, चुनाव से पहले बड़ी प्रशासनिक कवायद
कोलकाता | TGV Bengal Election News Desk
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल (अस्थायी मतदाता सूची) जारी कर दी है। यह प्रक्रिया स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के अंतर्गत की गई है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और अद्यतन बनाना है।
ड्राफ्ट सूची में राज्यभर से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नामों की जांच, संशोधन और संभावित विलोपन किया गया है। चुनाव आयोग का कहना है कि यह कदम फर्जी, दोहरे और अपात्र मतदाताओं को हटाने के लिए आवश्यक था।
क्या है ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल?
ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल वह अस्थायी मतदाता सूची होती है, जिसे सार्वजनिक किया जाता है ताकि नागरिक:
अपने नाम की जांच कर सकें
गलतियों पर आपत्ति (Objection) दर्ज करा सकें
छूटे हुए नामों को दावा (Claim) के माध्यम से जुड़वा सकें
अंतिम मतदाता सूची इन्हीं दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद जारी की जाती है।
SIR प्रक्रिया पर जोर
चुनाव आयोग के अनुसार, SIR के दौरान:
मृत मतदाताओं
स्थानांतरित नागरिकों
दोहरी प्रविष्टियों
अपात्र नामों
की पहचान की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह नियमों और दस्तावेज़ी सत्यापन के आधार पर की गई है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ तेज
ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
कुछ राजनीतिक दलों ने आशंका जताई है कि बड़ी संख्या में नाम हटने से वोटर टर्नआउट और चुनावी संतुलन प्रभावित हो सकता है, वहीं अन्य दलों ने इसे लोकतंत्र को मजबूत करने वाला कदम बताया है।
राज्य सरकार और विपक्ष दोनों ने चुनाव आयोग से यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि कोई भी योग्य मतदाता सूची से वंचित न रहे।
मतदाताओं के लिए क्या जरूरी?
चुनाव आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे:
अपनी नामावली की जांच करें
निर्धारित समय सीमा में दावा-आपत्ति दर्ज कराएं
आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करें
अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद ही चुनावी प्रक्रिया के अगले चरण शुरू होंगे।
चुनावी अहमियत
विशेषज्ञों का मानना है कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण चुनाव की निष्पक्षता और विश्वसनीयता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ड्राफ्ट रोल से जुड़े आंकड़े आने वाले दिनों में राजनीतिक रणनीतियों को भी प्रभावित कर सकते हैं।
फिलहाल, सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दावा-आपत्ति प्रक्रिया के बाद अंतिम मतदाता सूची किस रूप में सामने आती है।