मनरेगा की जगह ‘विकसित भारत–जी राम जी’ योजना? नए ग्रामीण रोजगार बिल पर सियासी घमासान

मनरेगा की जगह ‘विकसित भारत–जी राम जी’ योजना? नए ग्रामीण रोजगार बिल पर सियासी घमासान

Image: The Global Vission Illustration

Published By - The Global Vission News Desk

 

मनरेगा की जगह ‘विकसित भारत–जी राम जी’? नए ग्रामीण रोजगार बिल को लेकर देश में बहस तेज

मोदी सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) में बदलाव या उसकी जगह नया ग्रामीण रोजगार कानून लाने की चर्चा ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। संसद के मौजूदा शीतकालीन सत्र के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा की संभावना जताई गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार एक नए कानून पर विचार कर रही है, जिसे अस्थायी तौर पर “विकसित भारत–जी राम जी” नाम से जोड़ा जा रहा है।

इस प्रस्ताव को लेकर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं, वहीं सरकार इसे ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक कदम बता रही है।


 

🏛️  मनरेगा क्या है और इसे क्यों अहम माना जाता है?

मनरेगा भारत का सबसे बड़ा सामाजिक सुरक्षा कानून माना जाता है।

 मनरेगा की प्रमुख विशेषताएँ

शुरुआत: 2005

उद्देश्य: ग्रामीण परिवारों को 100 दिन का सुनिश्चित रोजगार

काम का स्वरूप: सार्वजनिक और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्य

मजदूरी: राज्यों के अनुसार तय

भुगतान: सीधे बैंक खातों में


मनरेगा को ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और संकट के समय रोजगार सुरक्षा देने वाली योजना के रूप में देखा जाता है।

 

📜  नया ग्रामीण रोजगार कानून क्या हो सकता है?

सरकारी सूत्रों और रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ग्रामीण रोजगार कानून को नए ढांचे में लाने पर विचार कर रही है।

संभावित बदलाव (रिपोर्ट्स के आधार पर)

रोजगार के साथ स्किल डेवलपमेंट को जोड़ना

काम के प्रकारों में बदलाव

भुगतान प्रणाली को और डिजिटल बनाना

ग्रामीण विकास परियोजनाओं पर ज्यादा फोकस


⚠️ ध्यान दें:

> अभी तक कोई आधिकारिक बिल पास नहीं हुआ है, यह केवल चर्चा और प्रस्ताव का विषय है।

 

🗣️ नाम बदलने पर विवाद क्यों हुआ?

सबसे बड़ा विवाद नाम को लेकर खड़ा हुआ है। रिपोर्ट्स में सामने आया कि नए कानून से “महात्मा गांधी” का नाम हट सकता है।

प्रियंका गांधी का बयान

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने सवाल उठाते हुए कहा कि:

मनरेगा से गांधी जी का नाम हटाने की क्या जरूरत है?

क्या यह सिर्फ नाम बदलने की राजनीति है?

क्या इससे गरीबों के अधिकार कमजोर होंगे?


उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।

 

🏛️  सरकार का पक्ष क्या है?

सरकार की ओर से यह कहा जा रहा है कि:

उद्देश्य किसी नाम को हटाना नहीं है

ग्रामीण रोजगार को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाना प्राथमिकता है

नई योजना “विकसित भारत” के विजन से जुड़ी हो सकती है


सरकार के अनुसार, किसी भी अंतिम फैसले से पहले संसद में चर्चा और प्रक्रियाएँ पूरी की जाएंगी।

 

⚖️ राजनीतिक प्रतिक्रिया और आगे का रास्ता

इस मुद्दे पर:

विपक्ष इसे वैचारिक बदलाव से जोड़कर देख रहा है

सरकार इसे प्रशासनिक सुधार बता रही है


आने वाले दिनों में संसद में इस पर बहस तेज होने की संभावना है।

 

🔮 आगे क्या हो सकता है?

 संभावनाएँ

मनरेगा में आंशिक संशोधन

नया ग्रामीण रोजगार कानून

नाम और संरचना दोनों में बदलाव


फिलहाल, सब कुछ संसदीय चर्चा और निर्णय पर निर्भर करता है।

 

⚠️ DISCLAIMER (ज़रूर लगाना)

> यह लेख मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक राजनीतिक बयानों पर आधारित है। किसी भी योजना या कानून से जुड़ा अंतिम निर्णय संसद में पारित होने के बाद ही मान्य होगा।

 

📌 Source / Reference:
• Aaj Tak – मनरेगा से जुड़ी लेटेस्ट जानकारी  
 https://www.aajtak.in/india/news/story/central-government-new-law-rural-employment-replace-mgnrega-bill-copy-distributed-mps-ntc-rpti-2413044-2025-12-15

• NDTV – VB-G RAM G योजना का विवरण  
 https://ndtv.in/utility-news/vb-g-ram-g-explained-125-days-work-weekly-salary-extra-wages-9811223


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Comments (5)

  1. Ankit Sharma 2 days ago Reply
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