यूपी में बदलेगा मौसम: 22–26 जनवरी के बीच बारिश और ठंडी हवाएं | UP Weather Update
उत्तर प्रदेश में बदलेगा मौसम का मिज़ाज: 22 से 26 जनवरी के बीच बारिश और ठंडी हवाओं का असर
The Global Vision News Desk
21 जनवरी 2026
उत्तर प्रदेश में जनवरी का आखिरी हफ्ता इस बार सामान्य नहीं रहने वाला। पिछले कई दिनों से जहां कड़ाके की ठंड और घना कोहरा लोगों की परेशानी बना हुआ था, वहीं अब मौसम एक नया मोड़ लेने जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 22 जनवरी से लेकर 26 जनवरी तक प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है।
यह बदलाव किसी एक दिन का नहीं होगा, बल्कि लगभग पांच दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। कहीं हल्की बूंदाबांदी होगी तो कहीं तेज बारिश और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है। इस दौरान तापमान में गिरावट आएगी और ठंड और ज्यादा महसूस होगी।
आखिर अचानक क्यों बदल रहा है यूपी का मौसम?
उत्तर भारत के मौसम में बदलाव की सबसे बड़ी वजह इस समय एक नया मौसमी सिस्टम है, जिसे मौसम की भाषा में पश्चिमी विक्षोभ कहा जाता है। यह सिस्टम पश्चिम दिशा से भारत की तरफ बढ़ता है और अपने साथ नमी और ठंडी हवाएं लेकर आता है।
जब यह सिस्टम उत्तर भारत तक पहुंचता है, तो पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश शुरू हो जाती है। यही वजह है कि हर साल जनवरी-फरवरी के महीने में अचानक मौसम बिगड़ जाता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही होने जा रहा है।
22 से 26 जनवरी: दिन-दर-दिन कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के संकेतों के आधार पर आने वाले पांच दिनों का हाल कुछ इस तरह हो सकता है:
22 जनवरी: बदलाव की शुरुआत
इस दिन से पश्चिमी यूपी और आसपास के इलाकों में बादल छाने लगेंगे। कुछ जिलों में हल्की बारिश या फुहारें पड़ सकती हैं। दिन का तापमान थोड़ा नीचे जाएगा और ठंडी हवा चलने लगेगी।
23 जनवरी: सबसे ज्यादा असर
यह दिन पूरे सिस्टम का सबसे एक्टिव चरण माना जा रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इस दिन मौसम सबसे ज्यादा बिगड़ा हुआ महसूस होगा।
24 जनवरी: असर जारी रहेगा
बारिश का दायरा पूर्वी यूपी की तरफ खिसक सकता है। पश्चिमी इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी होगी, जबकि पूर्वी जिलों में मध्यम बारिश हो सकती है। ठंडी हवाएं लगातार चलती रहेंगी।
25 जनवरी: धीरे-धीरे राहत
इस दिन बारिश की तीव्रता कम होने लगेगी। कुछ इलाकों में हल्की फुहारें पड़ सकती हैं, लेकिन पूरे प्रदेश में बादल छाए रहेंगे। कोहरा दोबारा बढ़ने की संभावना रहेगी।
26 जनवरी: सिस्टम का आखिरी असर
इस दिन कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन उसके बाद मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा। तापमान में हल्की और गिरावट आ सकती है, जिससे ठंड ज्यादा महसूस होगी।
यूपी के किन हिस्सों में ज्यादा असर दिखेगा?
बारिश और खराब मौसम का असर पूरे प्रदेश में देखने को मिल सकता है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में इसकी तीव्रता ज्यादा रहने की उम्मीद है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश
नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत और आसपास के जिलों में 22 और 23 जनवरी को बारिश ज्यादा हो सकती है। यहां तेज हवाएं भी चलने की संभावना है।
मध्य उत्तर प्रदेश
लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर और रायबरेली जैसे जिलों में 23 और 24 जनवरी को मौसम सबसे ज्यादा बिगड़ा रह सकता है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश
वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, आजमगढ़, बलिया और जौनपुर जैसे इलाकों में 24 से 26 जनवरी के बीच बारिश का असर ज्यादा दिखाई दे सकता है।
बुंदेलखंड क्षेत्र
झांसी, बांदा, महोबा, ललितपुर और चित्रकूट में हल्की से मध्यम बारिश और ठंडी हवाएं चल सकती हैं।
तापमान में कितना फर्क पड़ेगा?
बारिश और बादलों की वजह से तापमान में साफ तौर पर गिरावट देखने को मिलेगी।
न्यूनतम तापमान (रात का तापमान):
अभी जहां कई जिलों में तापमान 7 से 10 डिग्री के बीच चल रहा है, वहीं बारिश के बाद यह 4 से 7 डिग्री तक जा सकता है। कुछ इलाकों में इससे भी कम हो सकता है।
अधिकतम तापमान (दिन का तापमान):
दिन में तापमान 18 से 22 डिग्री के बीच रहता है, लेकिन आने वाले दिनों में यह 15 से 19 डिग्री के आसपास सिमट सकता है।
कोहरा बढ़ेगा या कम होगा?
इस समय यूपी के कई हिस्सों में सुबह के वक्त घना कोहरा छाया रहता है।
बारिश शुरू होते ही कोहरा कुछ समय के लिए कम हो सकता है, क्योंकि हवा की गति बढ़ेगी और नमी ऊपर उठेगी।
लेकिन जैसे ही बारिश थमेगी और हवा शांत होगी, वैसे ही कोहरा दोबारा बढ़ने की पूरी संभावना है। खासकर 24 से 26 जनवरी के बीच सुबह और देर रात विजिबिलिटी काफी कम हो सकती है।
किसानों के लिए क्या मायने रखता है यह मौसम?
यह मौसम बदलाव किसानों के लिए मिला-जुला असर लेकर आ सकता है।
फायदे
गेहूं, सरसों और चने की फसल को अच्छी नमी मिलेगी
सिंचाई का खर्च बचेगा
जमीन की उर्वरता बेहतर होगी
नुकसान की आशंका
अगर तेज हवा या ओले पड़े तो फसल को नुकसान
आलू और सब्जियों की फसल पर असर
खेतों में पानी भरने से जड़ें सड़ सकती हैं
किसानों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
कटाई कुछ दिन के लिए टाल दें
खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था रखें
सब्जियों को प्लास्टिक शीट से ढकें
बिजली गिरने के समय खुले खेत में न रहें
यात्रियों और आम लोगों के लिए जरूरी सलाह
बारिश और ठंड की वजह से आम जनजीवन भी प्रभावित हो सकता है।
सड़क पर सफर करने वालों के लिए:
फिसलन से बचने के लिए धीमी रफ्तार रखें
फॉग लाइट और हेडलाइट का सही इस्तेमाल करें
ज्यादा कोहरे में सफर टाल दें
रेल और हवाई यात्रा:
कुछ ट्रेनें लेट हो सकती हैं
फ्लाइट में देरी या डायवर्जन संभव है
सफर से पहले स्टेटस जरूर चेक करें
स्वास्थ्य से जुड़ी सावधानियां:
ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनें
बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें
बारिश में भीगने से बचें
बिजली गिरने के समय खुले मैदान में न जाएं
आगे कैसा रहेगा मौसम का रुख?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 27 जनवरी के बाद धीरे-धीरे आसमान साफ होने लगेगा। हालांकि, बारिश के बाद ठंडी हवाओं के कारण ठंड और ज्यादा महसूस हो सकती है।
फरवरी की शुरुआत में एक और पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना भी जताई जा रही है, जिससे मौसम फिर से बदल सकता है।
(FAQ)
क्या पूरे यूपी में एक साथ बारिश होगी?
नहीं, अलग-अलग दिनों में अलग-अलग जिलों में बारिश का असर ज्यादा दिखेगा।
क्या ओले गिर सकते हैं?
फिलहाल कोई पक्की चेतावनी नहीं है, लेकिन तेज मौसम सिस्टम होने के कारण कुछ इलाकों में ओले पड़ने की संभावना बन सकती है।
क्या स्कूल बंद हो सकते हैं?
इस बारे में अभी कोई सरकारी आदेश नहीं आया है। जिला प्रशासन हालात देखकर फैसला ले सकता है।
क्या ठंड और बढ़ेगी?
हां, बारिश के बाद तापमान गिरने से ठंड ज्यादा महसूस होगी।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में 22 से 26 जनवरी के बीच मौसम पूरी तरह करवट लेने वाला है। कई जिलों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। तापमान गिरेगा, ठंड बढ़ेगी और कोहरे की समस्या दोबारा उभर सकती है।
किसानों, यात्रियों और आम लोगों को इस दौरान सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम से जुड़ा कोई भी बड़ा अपडेट आएगा तो स्थिति और साफ हो जाएगी।
डिस्क्लेमर
यह रिपोर्ट सामान्य मौसम संकेतों और ट्रेंड पर आधारित है। वास्तविक मौसम स्थिति समय और स्थान के अनुसार बदल सकती है। सटीक और ताज़ा जानकारी के लिए आधिकारिक मौसम बुलेटिन या स्थानीय प्रशासन की सलाह जरूर देखें।