भोपाल: पेड़ों की कटाई पर NGT की रोक, सड़क चौड़ीकरण पर विवाद तेज

भोपाल: पेड़ों की कटाई पर NGT की रोक, सड़क चौड़ीकरण पर विवाद तेज

Image: The Global Vission Illustration

Published By - The Global Vission News Desk

Date : 25 Dec 2025 

 

भोपाल स्पेशल रिपोर्ट: पेड़ों की कटाई पर रोक और जनता का जोरदार विरोध


   भोपाल में पेड़ों की “साँसे बचाओ” मुहिम — NGT ने कटाई पर रोक लगाई


भोपाल, 25 दिसंबर 2025
भोपाल के अयोध्या बायपास पर विकास की आड़ में किये जा रहे बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई को लेकर शहर में गंभीर पर्यावरणीय विवाद सामने आया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने भारी विरोध और याचिकाओं के बाद पेड़ों की कटाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है, और अगली सुनवाई 8 जनवरी 2026 निर्धारित की है। 



  क्यों विवाद बढ़ा?


🔹 सड़क चौड़ीकरण परियोजना
अयोध्या बायपास को 4-लेन से 10-लेन सड़क में विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए लगभग 7,800 से अधिक पेड़ों को काटने का प्रस्ताव था। 

🔹 जनता और पर्यावरण कार्यकर्ताओं का विरोध
स्थानीय लोग, पर्यावरण प्रेमी और सामाजिक समूहों ने आरोप लगाया कि पर्यावरण और लोगों की साँसें दोनों बचाना ज़रूरी है और पेड़ों को काटकर सिर्फ विकास नहीं किया जा सकता। इस विरोध में पेड़ों से चिपकना, राखी/रक्षा सूत्र बांधना जैसे प्रतीकात्मक प्रदर्शन भी शामिल रहे हैं, जिससे यह आंदोलन और भावनात्मक रूप से उभर कर सामने आया। 

🔹 राजनीतिक प्रतिक्रिया
कांग्रेस सहित कुछ राजनीतिक दलों ने भी विरोध जताया, इसे “साँस लेने के अधिकार का हनन” बताया और कटाई को रोकने की मांग की। 


NGT का फैसला और आदेश

 क्या कहा गया?
NGT ने तत्काल प्रभाव से पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी है। 

सड़कों का निर्माण कार्य जारी रह सकता है, लेकिन पेड़ों को काटे बिना ही। 

अगली सुनवाई 8 जनवरी 2026 को तय की गई है। 



परियोजना पक्ष की दलीलें


✔️ भूगोल और यातायात
प्राधिकरण का कहना है कि बायपास पर वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, इसलिए सड़क चौड़ीकरण ज़रूरी है ताकि दुर्घटनाएँ कम हों और यातायात सुचारू बने। 

✔️ नए पौधे लगाने की योजना
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (NHAI) ने बताया कि काटे जाने वाले हर पेड़ के बदले कई गुना पौधे लगाए जाएंगे, जिसमें 81,000 से अधिक पौधे लगाने का वादा शामिल है। 


 विशेषज्ञों का कहना है कि नए पौधे लगता समय लेते हैं और पुराने पेड़ों जैसा असर नहीं दे सकते — इसीलिए विरोध जारी है। 



स्थानीय और सामाजिक भावनाएँ


बहुत से लोगों का मानना है कि पेड़ सिर्फ जिंदगी का हिस्सा हैं — वे पर्यावरण, ऑक्सीजन, छाया और जैव विविधता का मूल आधार हैं। इसी भाव के साथ लोगों ने विरोध किया, पेड़ों से चिपके, राजकीय और न्यायिक ध्यान खींचा, और NGT तक मामला पहुंचा। 

 

निष्कर्ष


भोपाल में पेड़ों की कटाई को लेकर NGT ने रोक लगा दी है।
 विरोध में लोग भावनात्मक और अहिंसात्मक आन्दोलन कर रहे हैं।
 अब अगली सुनवाई 8 जनवरी 2026 है, तब आगे का निर्णय आएगा।

⚠️  डिस्क्लेमर (Disclaimer)


यह रिपोर्ट स्थानीय और राष्ट्रीय समाचार स्रोतों के ताज़ा रिपोर्टिंग पर आधारित है और किसी भी तरह का फर्जी, गलत या भ्रामक विवरण शामिल नहीं करती।
सभी तथ्य प्रेस रिपोर्ट्स और अदालत के आदेश से लिए गए हैं; आंकड़े और तिथियाँ स्थानीय मीडिया उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसरण पर आधारित हैं। स्रोतों से मिलती-जुलती जानकारी के बावजूद स्थानीय अधिकारियों द्वारा अंतिम पुष्टि आवश्यक हो सकती है।
 

Source Link 

 https://www.tv9hindi.com/india/tv9-impact-ngt-bhopal-ayodhya-bypass-trees-cut-stay-3622627.html 


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Comments (5)

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