जौनपुर डबल मर्डर केस: इकलौते बेटे ने मां-बाप की हत्या कर शव नदी में फेंके, काशी जाकर गंगा स्नान तक करता रहा
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Published By - The Global Vission News Desk
इकलौते बेटे ने मां-बाप की हत्या कर शव नदी में फेंके: काशी जाकर गंगा स्नान तक करता रहा आरोपी, जौनपुर डबल मर्डर केस में चौंकाने वाले खुलासे
Introduction (भूमिका)
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से सामने आई एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जिस बेटे को मां-बाप ने पाल-पोसकर बड़ा किया, उसी इकलौते बेटे ने कथित तौर पर अपने माता-पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। यही नहीं, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने शवों को नदी में ठिकाने लगाया और खुद को निर्दोष दिखाने के लिए धार्मिक स्थलों की यात्रा करता रहा।
यह मामला सिर्फ एक पारिवारिक अपराध नहीं, बल्कि समाज में बढ़ते पारिवारिक तनाव, पैसों के विवाद और रिश्तों में टूटते भरोसे की गंभीर तस्वीर पेश करता है।
कहां की है पूरी घटना?
यह सनसनीखेज मामला उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के अहमदपुर गांव से जुड़ा है।
आरोपी और पीड़ित कौन हैं?
आरोपी: अम्बेश कुमार (इकलौता बेटा)
पीड़ित:
पिता – श्याम बहादुर
माता – बबिता देवी
परिवार गांव में सामान्य जीवन जी रहा था और बाहर से किसी को अंदाजा भी नहीं था कि घर के भीतर इतना बड़ा तूफान पल रहा है।
कब और कैसे हुई हत्या? (घटना का क्रम)
पुलिस जांच और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार—
पारिवारिक विवाद बना वजह
आरोपी और उसके माता-पिता के बीच लंबे समय से पैसों और पारिवारिक मतभेद को लेकर तनाव चल रहा था।
प्रेम विवाह को लेकर भी घर में असहमति की बात सामने आई है।
वारदात की रात
घटना दिसंबर के पहले सप्ताह की रात की बताई जा रही है।
घर में कहासुनी बढ़ने के बाद आरोपी ने भारी वस्तु (सिलबट्टा/ठोस चीज) से माता-पिता के सिर पर वार किया।
दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
> ⚠️ पुलिस ने इस मामले को डबल मर्डर मानते हुए गंभीर धाराओं में दर्ज किया है।
शवों को कैसे ठिकाने लगाया गया?
हत्या के बाद आरोपी ने अपराध छिपाने की पूरी योजना बनाई।
बोरे में भरकर नदी में फेंका
आरोपी ने दोनों शवों को बोरों में भरा
फिर उन्हें वाहन के जरिए गोमती नदी तक ले जाकर पानी में फेंक दिया
इस कदम का मकसद सबूत मिटाना और लोगों को गुमराह करना था।
हत्या के बाद आरोपी का व्यवहार
इस केस का सबसे चौंकाने वाला पहलू आरोपी का हत्या के बाद का व्यवहार है।
काशी जाकर गंगा स्नान
वारदात के बाद आरोपी वाराणसी (काशी) चला गया
वहां गंगा स्नान किया
घाटों और शहर में सामान्य लोगों की तरह घूमता रहा
खुद को निर्दोष दिखाने की कोशिश
आरोपी ने गांव लौटकर माता-पिता के लापता होने का नाटक किया
रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों से मदद मांगने का दिखावा किया
यहीं से पुलिस को उस पर शक गहराने लगा।
पुलिस को कैसे मिला सुराग?
रिश्तेदारों की शिकायत
परिवार के रिश्तेदारों ने पुलिस को बताया कि
आरोपी का व्यवहार सामान्य नहीं है
बयान बार-बार बदल रहा है
सख्ती से पूछताछ में टूटा आरोपी
पुलिस ने अम्बेश कुमार को हिरासत में लिया
कड़ी पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया
पुलिस का आधिकारिक बयान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार—
यह मामला पूर्व नियोजित हत्या का प्रतीत होता है
आरोपी ने सबूत मिटाने की कोशिश की
हत्या के पीछे पारिवारिक विवाद और आर्थिक कारण सामने आए हैं
आगे की कार्रवाई
आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया
शवों की बरामदगी और फॉरेंसिक जांच जारी
चार्जशीट की तैयारी की जा रही है
समाज के लिए क्या सबक?
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है—
क्या पारिवारिक संवाद की कमी ऐसे अपराधों को जन्म दे रही है?
क्या आर्थिक दबाव और रिश्तों की टूटन अपराध का कारण बन रही है?
क्या मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान न देना समाज को महंगा पड़ रहा है?
कानूनी पहलू (Legal Angle)
भारतीय कानून के तहत—
यह मामला IPC की गंभीर धाराओं में दर्ज है
दोष सिद्ध होने पर आरोपी को कठोर सजा हो सकती है
कोर्ट ट्रायल के दौरान सभी सबूतों की वैज्ञानिक जांच होगी
> ⚖️ कानून आरोपी को दोषी साबित होने तक निर्दोष मानता है, अंतिम फैसला अदालत करेगी।
निष्कर्ष (Conclusion)
जौनपुर डबल मर्डर केस न सिर्फ एक आपराधिक घटना है, बल्कि समाज के लिए चेतावनी भी है। यह दिखाता है कि अगर समय रहते पारिवारिक विवादों का समाधान न किया जाए, तो परिणाम कितने भयावह हो सकते हैं।
पुलिस की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं। पूरा देश इस केस पर नजर बनाए हुए है।
⚠️ Disclaimer (जरूरी)
यह लेख विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस द्वारा सामने आई प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करेगा। किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराने का अधिकार केवल अदालत को है।
👉 इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट Aaj Tak Hindi पर पढ़ें