UP Police Encounter: सुल्तानपुर हत्याकांड का ₹1 लाख इनामी सिराज ढेर, जानिए पूरी कार्रवाई
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Published By - The Global Vission News Desk
Date : 21 Dec 2025
यूपी में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
सुल्तानपुर हत्याकांड का आरोपी सिराज एनकाउंटर में मारा गया
उत्तर प्रदेश में अपराध के खिलाफ चल रही सख्त मुहिम के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सुल्तानपुर हत्याकांड में वांटेड और ₹1 लाख के इनामी बदमाश सिराज को एनकाउंटर में ढेर कर दिया। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी तलाश कई जिलों में की जा रही थी।
कैसे हुई पुलिस कार्रवाई?
पुलिस को सिराज की मूवमेंट को लेकर पुख्ता इनपुट मिला था। इसके बाद विशेष टीम ने संदिग्ध इलाके में घेराबंदी की।
घटनाक्रम
पुलिस टीम ने आरोपी को सरेंडर का मौका दिया
सिराज ने गिरफ्तारी से बचने के लिए फायरिंग शुरू कर दी
पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की
गोली लगने से सिराज घायल हुआ
अस्पताल ले जाने पर मृत घोषित किया गया
पुलिस के मुताबिक पूरी कार्रवाई नियमों और SOP के तहत की गई।
🔍 सुल्तानपुर हत्याकांड में क्यों था वांटेड?
सिराज पर दर्ज आरोप
सुल्तानपुर में हुई गंभीर आपराधिक घटना में मुख्य भूमिका
हत्या सहित कई आपराधिक मुकदमे दर्ज
लगातार फरारी के चलते पुलिस ने उस पर ₹1 लाख का इनाम घोषित किया
रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी क्षेत्र में अपराध फैलाने वाले नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।
🧾 मौके से क्या बरामद हुआ?
एनकाउंटर स्थल से पुलिस ने:
अवैध हथियार
कारतूस
अन्य आपत्तिजनक सामग्री
जब्त की है। सभी साक्ष्य कानूनी जांच के लिए सुरक्षित कर लिए गए हैं।
👮 पुलिस का आधिकारिक रुख
अधिकारियों का कहना है कि:
यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई
मामले की आंतरिक व कानूनी जांच की जाएगी
कानून के अनुसार आगे की प्रक्रिया जारी है
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. सिराज पर कितना इनाम था?
➡️ आरोपी पर ₹1 लाख का इनाम घोषित था।
Q2. वह किस मामले में वांटेड था?
➡️ सुल्तानपुर से जुड़े हत्याकांड में।
Q3. क्या एनकाउंटर की जांच होगी?
➡️ हाँ, नियमानुसार प्रशासनिक और कानूनी जांच होती है।
Q4. क्या आम जनता के लिए कोई खतरा है?
➡️ नहीं, पुलिस के अनुसार स्थिति सामान्य है।
Q5. क्या यह जानकारी फाइनल है?
➡️ जांच पूरी होने के बाद विवरण में बदलाव संभव है।
⚠️ डिस्क्लेमर
यह लेख प्रारंभिक पुलिस इनपुट और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। किसी भी आरोपी को अदालत का अंतिम निर्णय आने से पहले दोषी ठहराने का उद्देश्य नहीं है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों में परिवर्तन संभव है। यह सामग्री केवल सूचनात्मक उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।
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