UP Cyber Fraud: पुलिस ने 6 आरोपी पकड़े, 12 लाख फ्रीज़ — जानिए पूरा मामला
Image: The Global Vission Illustration
Published By - The Global Vission News Desk
Date : 25 Dec 2025
यूपी पुलिस की साइबर फ्रॉड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई — 6 आरोपी गिरफ्तार, भारी बैंकिंग दस्तावेज बरामद
मामला क्या है?
उत्तर प्रदेश पुलिस ने हाल ही में साइबर ठगी करने वाले एक अंतर-राज्यीय नेटवर्क का पता लगाते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई पुलिस की विशेष टीम द्वारा की गई, जहाँ डिजिटल फ्रॉड मामलों में बढ़ती शिकायतों के आधार पर छापेमारी की गई।
📦 क्या-क्या सामान बरामद हुआ?
🔹 तकनीकी उपकरण
4 लैपटॉप
17 मोबाइल फोन
1 वाई-फाई राउटर
🔹 बैंकिंग दस्तावेज
270 एटीएम कार्ड
222 बैंक पासबुक
47 चेकबुक
🔹 धनराशि
लगभग ₹12 लाख की राशि विभिन्न खातों में फ्रीज़ की गई है
(ताकि ठगी का पैसा आगे न भेजा जा सके)
🕵️♂️ गिरोह कैसे काम करता था?
लोगों को ऑनलाइन कमाई, पार्ट-टाइम जॉब, गेमिंग टास्क, सर्वे आदि के नाम पर लुभाया जाता था
इसके बाद बैंक डिटेल्स और ओटीपी हासिल कर लिए जाते
खातों के जरिये पैसे ट्रांसफर कर आगे नेटवर्क में भेजे जाते
उपयोग किए गए उपकरणों से कई फर्जी लेन-देन का रिकॉर्ड मिला है
यह तरीका आजकल तेज़ी से बढ़ते साइबर अपराधों में आम हो चुका है, इसलिए पुलिस लगातार निगरानी बढ़ा रही है।
👥 गिरफ्तार आरोपी कौन?
जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अलग-अलग राज्यों से जुड़े हुए थे, यानी यह सिर्फ स्थानीय नहीं बल्कि नेटवर्क-आधारित साइबर फ्रॉड था।
पुलिस अब नेटवर्क के अन्य सदस्यों और पैसों की आवाजाही की जाँच कर रही है।
⚖️ आगे क्या?
पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है
आगे धनराशि के स्रोत, खाते, जुड़े नंबर और उपकरणों की चेन की जाँच होगी
कुछ निरस्त किए गए खाते व सिम कार्डों से भी सुराग मिलने की उम्मीद है
FAQ —
Q1: पुलिस ने कुल कितने आरोपी पकड़े?
➡ कुल 6 आरोपी गिरफ्तार किए गए
Q2: कितने बैंक दस्तावेज मिले?
➡ 270 एटीएम कार्ड, 222 पासबुक, 47 चेकबुक बरामद
Q3: क्या पैसा भी मिला?
➡ करीब ₹12 लाख की राशि खातों में फ्रीज़ की गयी
Q4: पुलिस आगे क्या कार्यवाही कर रही है?
➡ डिजिटल फोरेंसिक और बैंकिंग ट्रांजैक्शन की जांच जारी है
⚠️ डिस्क्लेमर
यह लेख किसी भी समाचार चैनल की कॉपी नहीं है, बल्कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर स्वतंत्र रूप से लिखा गया कंटेंट है।
मामले की जांच जारी है, इसलिए समय-समय पर नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
इस खबर का उद्देश्य केवल जानकारी देना है, किसी भी व्यक्ति के खिलाफ पूर्वाग्रह बनाना नहीं।
Source Link